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उपलब्धि अभिप्रेरणा

उपलब्धि अभिप्रेरणा (मोटिवेशन) एक आंतरिक प्रेरणा है, जो व्यक्ति को अपनी गतिविधियों के अलग-अलग क्षेत्रों में सफलता पाने के लिए प्रेरित करती है। यह अभिप्रेरणा व्यक्ति के व्यवहार, आत्म-विकास की इच्छा और उत्कृष्ट परिणाम पाने के प्रयास को तय करने वाले प्रमुख कारकों में से एक हो सकती है।

उपलब्धि अभिप्रेरणा पर शोध 1950 के दशक में अमेरिकी शोधकर्ता डेविड मैक्लेलैंड और उनके सहयोगियों के कार्यों से शुरू हुआ। उन्होंने उपलब्धि अभिप्रेरणा का सिद्धांत विकसित किया, जिसके अनुसार यह अभिप्रेरणा परिवार में मिलने वाली परवरिश के प्रभाव से बचपन के शुरुआती वर्षों में बनती और विकसित होती है। इसमें सफलता और असफलता से जुड़े भावनात्मक संबंधों के साथ-साथ माता-पिता से मिलने वाला प्रोत्साहन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि माता-पिता सफलता पर प्रोत्साहन देते और उपलब्धियों को बढ़ावा देते हैं, जबकि असफलता को दंड से जोड़ते हैं, तो बच्चे में उपलब्धि की उच्च अभिप्रेरणा विकसित होती है।

उपलब्धि अभिप्रेरणा व्यक्ति के जीवन के अलग-अलग पहलुओं को प्रभावित कर सकती है, जिनमें पढ़ाई, करियर और निजी संबंध शामिल हैं। उच्च उपलब्धि अभिप्रेरणा वाले लोगों में अक्सर आत्म-सुधार, सीखने और अपने कौशल विकसित करने की प्रवृत्ति अधिक होती है।

उपलब्धि अभिप्रेरणा को मापने के लिए कई विधियां विकसित की गई हैं, जैसे हेनरी मरे का थीमैटिक एपर्सेप्शन टेस्ट (टीएटी), जिसे हाइन्ज हेकहाउजेन ने और बेहतर बनाया। इन विधियों से किसी व्यक्ति में उपलब्धि अभिप्रेरणा के स्तर का आकलन किया जा सकता है।