मनोविज्ञान और तंत्रिका-विज्ञान में सक्रियण (activation) तंत्रिका तंत्र की उस अवस्था को दर्शाता है, जो उसकी उत्तेजना या सक्रियता के स्तर की पहचान कराती है। इस शब्द का उपयोग जागरूकता, कार्रवाई के लिए तत्परता और वातावरण की उत्तेजनाओं के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया की तीव्रता बताने के लिए किया जाता है।

सक्रियण का स्तर बहुत कम (गहरी नींद या गहरा विश्राम) से लेकर बहुत अधिक (गंभीर तनावपूर्ण स्थितियों या कैफीन अथवा एड्रेनालिन जैसे उत्तेजक पदार्थों के प्रभाव में) तक हो सकता है। सक्रियण का इष्टतम स्तर वह स्तर है, जिस पर कोई व्यक्ति या जानवर किसी कार्य को करने या कार्रवाई करने के लिए सबसे अधिक तत्पर अवस्था में होता है।