परोपकारिता सामाजिक व्यवहार का एक रूप है, जिसमें व्यक्ति दूसरे लोगों के हित में काम करता है। इसमें बिना बदले में कुछ पाने की उम्मीद किए दूसरों की देखभाल करना, उनके प्रति करुणा दिखाना और उनकी मदद के लिए तैयार रहना शामिल है। परोपकारिता अलग-अलग परिस्थितियों और रूपों में दिखाई दे सकती है, जैसे करीबियों की मदद करना, स्वयंसेवा, जनकल्याण के लिए दान देना और आपातकालीन परिस्थितियों में अनजान लोगों की मदद करना आदि। परोपकारी व्यवहार के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें निजी मान्यताएं, धार्मिक मूल्य, भावनात्मक प्रेरणाएं और सामाजिक मानदंड शामिल हैं।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि परोपकारिता का अर्थ हमेशा यह नहीं होता कि मदद करने वाले व्यक्ति को कोई लाभ नहीं मिलता। अच्छा काम करने से व्यक्ति को संतोष, गर्व या नैतिक संतुष्टि मिल सकती है। फिर भी, परोपकारिता की मुख्य विशेषता अपने हितों से पहले दूसरों के हितों को रखना है।