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विश्लेषणात्मक मनोविज्ञान

विश्लेषणात्मक मनोविज्ञान (अंग्रेजी: analytical psychology) मनोविज्ञान की एक शाखा है, जिसकी स्थापना कार्ल युंग ने की थी और जो अचेतन सहित मानव मन की गहरी संरचनाओं के अध्ययन पर केंद्रित है। विश्लेषणात्मक मनोविज्ञान व्यक्तिगत विकास, आत्म-साक्षात्कार और मन की गतिशीलता पर, विशेष रूप से चेतन और अचेतन स्तरों के बीच परस्पर क्रिया पर, जोर देता है।

विश्लेषणात्मक मनोविज्ञान की महत्वपूर्ण अवधारणाओं में आद्यरूप, सामूहिक अचेतन, व्यक्तित्वीकरण की प्रक्रिया और सपनों का प्रतीकवाद शामिल हैं। युंग का मानना था कि व्यक्ति का मानसिक स्वास्थ्य उसकी चेतन आकांक्षाओं और अचेतन आवेगों के बीच सामंजस्य के स्तर पर निर्भर करता है।

इस शाखा का उपयोग मनोचिकित्सा के विभिन्न क्षेत्रों, सांस्कृतिक अध्ययनों और कला में किया जाता है और यह मानव व्यवहार तथा मानसिक स्वास्थ्य को समझने के लिए उपयोगी साधन प्रदान करती है।