अफोनिया आवाज पूरी तरह खो जाने की स्थिति है, जिसमें व्यक्ति स्वर-तंत्र की मदद से ध्वनि नहीं निकाल पाता। यह स्वर-तंत्र की संरचनाओं को नुकसान जैसे जैविक कारणों और मनोवैज्ञानिक आधार वाली समस्याओं सहित कार्यात्मक (न्यूरोसाइकोलॉजिकल) समस्याओं, दोनों से जुड़ा हो सकता है। अफोनिया के प्रकार उसके कारणों के अनुसार अलग-अलग होते हैं। इनमें गले की सूजन, एलर्जी, हार्मोन में बदलाव, न्यूरोलॉजिकल बीमारियों, तनाव और पेशेवर कारणों से आवाज पर अधिक दबाव से जुड़ी स्थितियां शामिल हो सकती हैं।

इस प्रकार, अफोनिया अस्थायी हो सकता है, जैसे गले के स्वरयंत्र में अचानक हुई सूजन के कारण, या प्रतिकूल कारकों के लंबे समय तक असर अथवा बिना इलाज वाली बीमारियों के कारण लंबे समय तक बना रह सकता है। अफोनिया का निदान और इलाज उसके मूल कारण की पहचान करके उसे दूर करने पर निर्भर करते हैं। इसके लिए चिकित्सा, फोनियाट्रिक और मनोवैज्ञानिक तरीकों को शामिल करने वाले समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता हो सकती है।