मध्यस्थता विवादों को वैकल्पिक रूप से सुलझाने की एक विधि है, जिसमें मध्यस्थ कहलाने वाला एक स्वतंत्र और निष्पक्ष पक्ष, दोनों पक्षों द्वारा पेश किए गए सबूतों और तर्कों के आधार पर विवाद पर अंतिम निर्णय लेता है। यह प्रक्रिया त्वरित और गोपनीय होती है तथा इसका निर्णय बाध्यकारी होता है। इसका उपयोग अक्सर व्यावसायिक लेन-देन, अंतरराष्ट्रीय विवादों और ऐसी अन्य स्थितियों में किया जाता है, जहां अदालत जाए बिना विवादों का निष्पक्ष और प्रभावी समाधान आवश्यक हो।