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कारणात्मक आरोपण

कारणात्मक आरोपण (अंग्रेजी: causal attribution) किसी व्यवहार, घटना या स्थिति के कारणों या कारणात्मक कारकों की पहचान और विश्लेषण के आधार पर उसकी व्याख्या करने या उसका कारण किसी चीज को मानने की प्रक्रिया है। इसका अर्थ है कि कारणात्मक आरोपण करते समय हम यह तय करने की कोशिश करते हैं कि किन कारकों या घटनाओं के कारण कोई विशेष परिघटना हुई।

कारणात्मक आरोपण के उदाहरणों में ये शामिल हैं:

  1. आंतरिक कारण: लोग किसी व्यवहार या घटना को व्यक्तित्व की विशेषताओं, प्रेरणा या कौशल जैसे आंतरिक कारकों का परिणाम मान सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति को पदोन्नति मिली है, तो इसका कारण उसकी मेहनत और पेशेवर दक्षता को माना जा सकता है।

  2. बाहरी कारण: लोग किसी व्यवहार या घटना का कारण परिस्थितियों, संयोग या परिवेश के प्रभाव जैसे बाहरी कारकों को मान सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति ट्रैफिक जाम के कारण काम पर देर से पहुंचा है, तो इसकी व्याख्या किसी बाहरी कारण से की जा सकती है।

  3. मिश्रित कारण: कारणात्मक आरोपण में अक्सर आंतरिक और बाहरी, दोनों तरह के कारक शामिल होते हैं। उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति किसी टेस्ट में अपनी असफलता का कारण तैयारी की कमी (आंतरिक कारण) और कठिन सवालों से हुई घबराहट (बाहरी कारण) को मान सकता है।