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ऑटोजेनिक ट्रेनिंग

ऑटोजेनिक ट्रेनिंग, जिसे ऑटोट्रेनिंग भी कहा जाता है, आत्म-नियमन और रिलैक्सेशन की एक विधि है, जिसे जर्मन मनोचिकित्सक योहानेस एच. शुल्त्स ने 20वीं सदी की शुरुआत में विकसित किया था। यह विधि मनोचिकित्सा के क्षेत्र में और शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बनाने के लिए लोकप्रिय है।

ऑटोजेनिक ट्रेनिंग का मुख्य विचार आत्म-सुझाव और रिलैक्सेशन के जरिए गहरी शारीरिक व मानसिक शांति प्राप्त करना है। कुछ खास अभ्यासों के नियमित अभ्यास से मांसपेशियों का तनाव और तनाव का स्तर कम किया जा सकता है तथा रक्त संचार बेहतर किया जा सकता है।

ऑटोट्रेनिंग नींद की गुणवत्ता बेहतर करने और नकारात्मक भावनात्मक अवस्थाओं को कम करने में मदद करती है तथा समग्र शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है। शारीरिक और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने के लिए इस विधि का उपयोग पेशेवर क्लिनिकल प्रैक्टिस और रोजमर्रा के जीवन, दोनों में किया जा सकता है।