आत्म-पहचान
आत्म-पहचान (या सेल्फ-आइडेंटिफिकेशन) वह प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति आत्मचिंतन और आत्म-विश्लेषण के माध्यम से अपने बारे में अपनी धारणा बनाता है। इस प्रक्रिया में अपने विश्वासों, मूल्यों, रुचियों, जीवन के लक्ष्यों और विभिन्न सामाजिक समूहों के साथ जुड़ाव को समझना शामिल है।
आत्म-पहचान की प्रक्रिया में व्यक्ति अपने अतीत, वर्तमान और भविष्य के बारे में प्रश्न पूछते हुए सक्रिय रूप से स्वयं को समझने की कोशिश करता है और अपने आसपास की दुनिया के साथ अपने संबंधों का विश्लेषण करता है। यह प्रक्रिया आत्म-जागरूकता और आत्मचिंतन की क्षमता के विकास से निकटता से जुड़ी है और मनोवैज्ञानिक विकास तथा व्यक्तिगत वृद्धि का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
आत्म-पहचान में व्यक्तिगत और सामाजिक, दोनों प्रकार की पहचान शामिल हो सकती है। सामाजिक आत्म-पहचान में व्यक्ति राष्ट्रीय, सांस्कृतिक, पेशेवर और धार्मिक समूहों सहित कुछ समूहों या समुदायों से अपने जुड़ाव के आधार पर स्वयं को परिभाषित करता है।