स्वायत्तता किसी व्यक्ति की अपने जीवन से जुड़े निर्णय स्वतंत्र रूप से और अपने मूल्यों, विश्वासों तथा पसंद के आधार पर लेने की क्षमता और अधिकार है। मनोविज्ञान में स्वायत्तता को मानसिक स्वास्थ्य और खुशहाली का एक महत्वपूर्ण पहलू माना जाता है। इसका अर्थ है कि व्यक्ति अपनी वास्तविक इच्छाओं और रुचियों के अनुसार काम कर सकता है।

स्वायत्तता का आत्मनिर्णय और व्यक्तिगत जिम्मेदारी की अवधारणाओं से गहरा संबंध है। यह व्यक्ति को आगे बढ़ने, स्वयं लक्ष्य तय करने और उन्हें हासिल करने के साथ-साथ व्यक्तिगत सीमाएं निर्धारित करने और अपने अधिकारों की रक्षा करने में सक्षम बनाती है।

स्वायत्तता का एक उदाहरण किसी व्यक्ति का समाज या आसपास के लोगों के दबाव के बजाय अपने विश्वासों और पसंद के आधार पर पेशा बदलने या नई जीवनशैली अपनाने का निर्णय हो सकता है।