निकोलाई अलेक्सांद्रोविच बर्नस्टीन
निकोलाई अलेक्सांद्रोविच बर्नस्टीन (1896-1966) एक प्रसिद्ध सोवियत मनोशरीर-क्रियाविज्ञानी थे। उनके कार्य ने गति के शरीर-क्रियाविज्ञान और मोटर कौशल के विकास को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके द्वारा विकसित सक्रियता के शरीर-क्रियाविज्ञान की अवधारणा मोटर प्रक्रियाओं और गतियों के समन्वय के अध्ययन का आधार बनी।
एन. बर्नस्टीन के कार्यों की प्रमुख अवधारणाओं में से एक “मोटर कार्य” है। उन्होंने यह विचार प्रस्तुत किया कि मोटर कौशल और गतियां शरीर के सामने मौजूद विशिष्ट कार्यों और लक्ष्यों के आधार पर विकसित होते हैं। इसका अर्थ है कि शरीर अपने मोटर कौशल को मौजूदा कार्य के अनुसार ढालता है, जिसमें गतियों के समन्वय और मांसपेशियों के तनाव में बदलाव शामिल हो सकते हैं।
उनके कार्य में गतियों के समन्वय, रोग संबंधी अवस्थाओं के अध्ययन, चोटों के प्रभाव और उनके बाद पुनर्वास से जुड़े विषय भी शामिल थे। बर्नस्टीन ने गतियों को दर्ज करने और उनका विश्लेषण करने की विधियां भी विकसित कीं, जैसे साइक्लोग्राफी।