निगमन
निगमन एक तार्किक प्रक्रिया है, जिसमें ये पहलू शामिल हैं:
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तार्किक निष्कर्ष निकालने की प्रक्रिया: इसमें हम निश्चित आधार-वाक्यों या पूर्वधारणाओं से तर्कसंगत निष्कर्षों तक पहुंचते हैं। यह प्रक्रिया तर्कशास्त्र के कड़े नियमों पर आधारित है और इसे एक औपचारिक कला माना जाता है।
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विशिष्ट निष्कर्ष, जो तार्किक चिंतन के परिणामस्वरूप प्राप्त होता है। ऐसा निष्कर्ष आम तौर पर उपलब्ध आधार-वाक्यों पर तर्कशास्त्र के नियम लागू करने से मिलता है।
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व्यापक नाम: “निगमन” शब्द का उपयोग तार्किक निष्कर्ष की सामान्य थ्योरी या विधि के व्यापक नाम के रूप में किया जा सकता है, जिसमें विभिन्न प्रकार के अनुमान और नियम शामिल होते हैं।
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अनुमान का एक प्रकार: निगमन अनुमान का वह प्रकार भी है, जिसमें किसी सामान्य कथन से अधिक विशिष्ट कथनों तक पहुंचा जाता है। इसका अर्थ है कि निष्कर्ष उन आधार-वाक्यों से अधिक सामान्य नहीं हो सकता, जिन पर वह आधारित है।
निगमन वैज्ञानिक पद्धति, गणित, दर्शन और ऐसे अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जहां तार्किक औचित्य और विशिष्ट आंकड़ों या आधार-वाक्यों से सामान्यीकृत ज्ञान निकालने की आवश्यकता होती है।