भावनात्मक बुद्धिमत्ता
भावनात्मक बुद्धिमत्ता (EI) अपनी और दूसरों की भावनाओं को समझने की हमारी क्षमता को दर्शाती है। इसमें भावनाओं को समझने, व्यक्त करने और संभालने की योग्यता शामिल है। जब हम EI की बात करते हैं, तो इसमें चार मुख्य पहलू होते हैं:
अपनी भावनाओं को समझना: यह जानने की क्षमता है कि किसी खास समय पर हम कौन-सी भावनाएं महसूस कर रहे हैं और क्यों। उदाहरण के लिए, यह समझ पाना कि किसी स्थिति के कारण हमें इस समय गुस्सा आ रहा है।
दूसरों की भावनाओं को समझना: यह दूसरे लोगों के चेहरे के भाव, हाव-भाव और मुद्राओं से उनकी भावनाओं को पहचानने की योग्यता है। इससे हमें यह बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है कि वे क्या महसूस कर रहे हैं।
अपनी भावनाओं को संभालना: यह भावनाओं के प्रति अपनी प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित करने का कौशल है। उदाहरण के लिए, किसी कठिन स्थिति में गुस्से या तनाव को काबू में रखना।
दूसरों की भावनाओं को संभालना: यह दूसरे लोगों की भावनात्मक स्थिति पर प्रभाव डालने की क्षमता है। उदाहरण के लिए, गुस्से में आए दोस्त को शांत करना या बुरे दिन में उसका साथ देना।
“भावनात्मक बुद्धिमत्ता” शब्द मनोविज्ञान में लोकप्रिय हुआ है, क्योंकि यह समझाने में मदद करता है कि हमारी भावनाएं हमारे कामों और दूसरों के साथ हमारे संबंधों को कैसे प्रभावित करती हैं।