मनोवैज्ञानिक तत्परता
मनोविज्ञान में मनोवैज्ञानिक तत्परता (सेट) का अर्थ किसी व्यक्ति का कोई खास गतिविधि करने या जानकारी ग्रहण करने के लिए मानसिक रूप से तैयार होना है।
मनोवैज्ञानिक तत्परता के कई प्रकार होते हैं:
-
अर्थ-संबंधी तत्परता: इसका संबंध इस बात से है कि व्यक्ति किसी स्थिति या गतिविधि को किस तरह अर्थ देता है। यह तत्परता इस बात को प्रभावित करती है कि व्यक्ति अपने मूल्यों, विश्वासों और लक्ष्यों के अनुसार जानकारी और घटनाओं की व्याख्या कैसे करता है।
-
लक्ष्य-संबंधी तत्परता: यह तत्परता किसी गतिविधि के अपेक्षित परिणाम या लक्ष्य को तय करती है। यह इस बात को प्रभावित करती है कि व्यक्ति निर्धारित लक्ष्य पाने के लिए अपने कार्यों को कैसे व्यवस्थित करता है।
-
क्रियात्मक तत्परता: इसका संबंध किसी कार्य या गतिविधि को पूरा करने के तरीकों से है। क्रियात्मक तत्परता यह तय कर सकती है कि किसी खास कार्य को पूरा करने के लिए कौन-से कदम और रणनीतियां चुनी जाएंगी।
-
मनो-शारीरिक तत्परता: यह तत्परता मानसिक गतिविधि के शारीरिक और जैविक पहलुओं से जुड़ी है। इसमें तनाव और थकान के प्रति शारीरिक प्रतिक्रियाएं तथा सक्रियता और जागरूकता का स्तर शामिल हो सकता है।
मनोवैज्ञानिक तत्परता सचेत या अचेतन हो सकती है। यह इस बात को प्रभावित करती है कि हम अपने आसपास की दुनिया को कैसे देखते हैं और उसके प्रति कैसी प्रतिक्रिया देते हैं। इसका हमारे व्यवहार और निर्णयों पर गहरा असर पड़ सकता है।