मिनेसोटा मल्टीफेजिक पर्सनैलिटी इन्वेंटरी (MMPI) मानसिक स्थिति और व्यक्तित्व की विशेषताओं का आकलन करने के लिए सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले और प्रभावशाली पर्सनैलिटी प्रश्नावलियों में से एक है। इस प्रश्नावली को मिनेसोटा विश्वविद्यालय में विकसित किया गया था और पहली बार 1943 में प्रकाशित किया गया था। समय के साथ MMPI में कई बार संशोधन और बदलाव किए गए, और अब इसके MMPI-2 तथा MMPI-2-RF (रीस्ट्रक्चर्ड फॉर्म) संस्करण उपलब्ध हैं, जो मूल प्रश्नावली के अपडेट किए गए रूप हैं।

MMPI में 550 कथन होते हैं, जिनका उत्तर व्यक्ति “सही”, “गलत” या “उत्तर नहीं दे सकता” में देता है। इन कथनों में स्वास्थ्य, सामाजिक संबंध, काम, पारिवारिक जीवन, फोबिया तथा मनोविज्ञान और व्यवहार के कई अन्य पहलुओं सहित अनेक विषय शामिल होते हैं।

MMPI के परिणामों का विश्लेषण स्केल और प्रोफाइल की मदद से किया जाता है, जिनसे व्यक्तित्व के विभिन्न क्लिनिकल और मनोवैज्ञानिक पहलुओं का आकलन किया जा सकता है। MMPI के महत्वपूर्ण घटकों में 9 क्लिनिकल स्केल और 3 वैधता स्केल शामिल हैं, जो मनोविकृति और व्यक्ति के उत्तरों की विश्वसनीयता के बारे में जानकारी देते हैं।

MMPI मानसिक स्वास्थ्य के आकलन, मानसिक विकारों के निदान तथा क्लिनिकल और फॉरेंसिक प्रैक्टिस में मनोवैज्ञानिक आकलन का एक महत्वपूर्ण साधन है।