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पैथोसाइकोलॉजी

पैथोसाइकोलॉजी (अंग्रेजी: Pathopsychology) मनोविज्ञान की वह शाखा है जो मानसिक विकारों और असामान्यताओं का अध्ययन करती है। पैथोसाइकोलॉजी सोच, अनुभूति, भावनाओं और व्यवहार सहित मानसिक प्रक्रियाओं और अवस्थाओं में होने वाले रोग-संबंधी बदलावों पर ध्यान केंद्रित करती है। इस क्षेत्र का उद्देश्य मनोविकृति के कारणों, प्रक्रियाओं और अभिव्यक्तियों को समझना तथा निदान और उपचार के तरीके विकसित करना है।

मनोविज्ञान की यह शाखा मनोचिकित्सा और क्लिनिकल साइकोलॉजी से निकटता से जुड़ी है, लेकिन मानसिक विकारों को समझने और उनका अध्ययन करने के इसके अपने विशिष्ट तरीके हैं। पैथोसाइकोलॉजी यह विश्लेषण करती है कि मानसिक विकार किसी व्यक्ति के विचारों, भावनाओं और व्यवहार को कैसे प्रभावित करते हैं, उनके उत्पन्न होने के कारणों का अध्ययन करती है और उनमें सुधार के तरीके खोजती है।

पैथोसाइकोलॉजी में अध्ययन किए जाने वाले मुख्य विषयों में ध्यान, स्मृति, सोच और भावनाओं से जुड़े विकारों के साथ-साथ अनुभूति और चेतना में होने वाले रोग-संबंधी बदलाव शामिल हैं। यह क्षेत्र यह समझने में मदद करता है कि अलग-अलग मनोवैज्ञानिक, जैविक और सामाजिक कारक मानसिक विकारों के विकास और उनकी प्रगति को कैसे प्रभावित कर सकते हैं।