साइकोसिस
साइकोसिस एक गंभीर मानसिक विकार है, जिसमें वास्तविकता और कल्पना के बीच अंतर करने की क्षमता प्रभावित हो जाती है और विचारों व व्यवहार में समग्र सुसंगति नहीं रहती। साइकोसिस अलग-अलग तरीकों से प्रकट हो सकता है और इसकी एटियोलॉजी (कारण) तथा क्लिनिकल तस्वीर अलग-अलग हो सकती है। साइकोसिस की कुछ मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
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वास्तविकता से संपर्क टूटना: साइकोसिस से प्रभावित लोगों को मतिभ्रम (ऐसी चीजों का अनुभव जो वास्तव में मौजूद नहीं हैं), भ्रम (वास्तविक चीजों की विकृत अनुभूति) और डिलीरियम (असंबद्ध, निरर्थक सोच) हो सकते हैं।
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सोच में गड़बड़ी: साइकोसिस के साथ अक्सर तार्किक सोच में गड़बड़ी होती है। लोग असंबद्ध ढंग से या बातों के बीच अचानक छलांग लगाते हुए बोल सकते हैं, या उनमें भ्रमपूर्ण विश्वास (भ्रांत विचार) हो सकते हैं।
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भावनात्मक स्थिति में बदलाव: साइकोसिस के कारण डर, चिंता, अत्यधिक उल्लास या उदासीनता जैसे तीव्र भावनात्मक अनुभव हो सकते हैं।
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सामाजिक और कामकाजी कार्यक्षमता: साइकोसिस के साथ अक्सर व्यवहार और सामाजिक संबंधों में गंभीर गड़बड़ी होती है। लोग अपनी देखभाल करने, दूसरों से बातचीत करने और रोजमर्रा की जिम्मेदारियां निभाने की क्षमता खो सकते हैं।
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एटियोलॉजी: साइकोसिस के कारण अलग-अलग हो सकते हैं, जिनमें आनुवंशिक कारक, तनाव, नशीले पदार्थ और शराब, संक्रमण, चोटें तथा अन्य कारक शामिल हैं।