आत्म-जागरूकता
आत्म-जागरूकता (अंग्रेजी: Self-awareness) अपनी अलग पहचान को समझने की क्षमता है, जिसमें अपने विचारों, भावनाओं, आकांक्षाओं, आत्म-धारणा और व्यवहार को पहचानना शामिल है। यह वह प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति स्वयं को अलग भावनाओं, प्रेरणाओं और विशेषताओं वाले एक अनोखे इंसान के रूप में पहचानता है।
इसमें न केवल अपनी आंतरिक अवस्थाओं को समझना, बल्कि यह जानना भी शामिल है कि बाहरी दुनिया और समाज के साथ व्यवहार में व्यक्ति का व्यक्तित्व कैसे प्रकट होता है। इसमें अपनी खूबियों और कमियों, मूल्यों, विश्वासों और महत्वाकांक्षाओं को समझना शामिल है।
व्यक्तिगत विकास और आत्म-साक्षात्कार के लिए आत्म-जागरूकता का विकास बुनियादी महत्व रखता है। इससे भावनाओं पर बेहतर नियंत्रण रखने, सोच-समझकर निर्णय लेने, जीवन के लक्ष्य तय करने और दूसरे लोगों के साथ संबंध बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
आत्म-जागरूकता मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और स्वयं को गहराई से समझने, आंतरिक टकराव कम करने तथा जीवन से संतुष्टि बढ़ाने में सहायक होती है।