आत्मा एक अमूर्त अवधारणा है, जो मानव अस्तित्व के गहरे, आंतरिक और व्यक्तिगत पक्ष को व्यक्त करती है, जिसमें बौद्धिक, भावनात्मक और नैतिक पहलू शामिल हैं। यह व्यक्ति को विशिष्टता और अलग पहचान देती है तथा उसकी चेतना और आत्म-जागरूकता से भी जुड़ी होती है। आत्मा को व्यक्तित्व के एक प्रकार के केंद्र के रूप में देखा जा सकता है, जो उसकी आंतरिक प्रकृति और मूल स्वरूप को दर्शाता है और अक्सर मानव जीवन के नैतिक तथा आध्यात्मिक पहलुओं से जुड़ा होता है।