अप्रतिबंधित प्रतिवर्त
अप्रतिबंधित प्रतिवर्त (unconditioned reflex, UCR) बाहरी या आंतरिक वातावरण के कुछ उद्दीपनों के प्रति शरीर की स्वचालित और जन्मजात प्रतिक्रिया है। ये प्रतिवर्त जन्म से मौजूद होते हैं और इनके उत्पन्न होने के लिए किसी विशेष प्रशिक्षण या परिस्थिति की आवश्यकता नहीं होती।
अप्रतिबंधित प्रतिवर्तों के उदाहरणों में ये शामिल हैं:
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घुटने का प्रतिवर्त: जब चिकित्सकीय हथौड़े से घुटने पर हल्की चोट की जाती है, तो प्रतिक्रिया में पैर अपने-आप आगे उछलता है।
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मांसपेशियों का खिंचाव प्रतिवर्त: खिंचाव के प्रति मांसपेशियों की प्रतिक्रिया। उदाहरण के लिए, जब आप कोहनी से हाथ मोड़ते हैं, तो बाइसेप्स सिकुड़ती है।
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पुतली प्रतिवर्त: आंखों पर रोशनी पड़ने पर पुतलियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे आंख में जाने वाली रोशनी की मात्रा कम हो जाती है।
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पेट में अधिक हवा होने पर डकार: पेट में अधिक हवा जमा होने पर उसे बाहर निकालने के लिए डकार आ सकती है।
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श्वसन मार्ग में जलन के प्रति खांसी: सांस के साथ अंदर गए कण या जलन पैदा करने वाले पदार्थ श्वसन मार्ग में पहुंच जाएं, तो शरीर उसे साफ करने के लिए खांसी की प्रतिक्रिया उत्पन्न कर सकता है।
ये अप्रतिबंधित प्रतिवर्त शरीर के लिए सुरक्षात्मक और अनुकूलनकारी कार्य करते हैं तथा संभावित रूप से खतरनाक या महत्वपूर्ण घटनाओं के प्रति तेज और स्वचालित प्रतिक्रियाएं सुनिश्चित करते हैं।